🌸 Ladyfair Foundation

End Beneficiary Policy (लाभार्थी नीति)

🎯 1. उद्देश्य (Purpose)

यह नीति बिहार की महिलाओं और युवतियों को रोज़गार, प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की दिशा में सशक्त बनाने के लिए बनाई गई है।

  • महिलाओं को कौशल (Skill) आधारित अवसर प्रदान करना।
  • समाज के हर वर्ग तक समान अवसर पहुँचाना।
  • महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना।
  • Foundation के CSR और सामाजिक मिशन के प्रभाव को स्पष्ट करना।

👩‍🎓 2. पात्रता (Eligibility Criteria)

पात्रता मापदंडविवरण
लिंगकेवल महिलाएँ / युवतियाँ (18 वर्ष या अधिक)
निवास स्थानबिहार राज्य की ग्रामीण या शहरी निवासी
आर्थिक स्थितिनिम्न/मध्यम आय वर्ग
शैक्षणिक योग्यतान्यूनतम 10वीं या समकक्ष
रुचि क्षेत्रब्यूटी, वेलनेस, डिजिटल स्किल, उद्यमिता, शिक्षा
पहचान पत्रआधार कार्ड / वोटर आईडी / राशन कार्ड

💪 3. लाभार्थी के लिए उपलब्ध कार्यक्रम

🌸 Skill Training Programs

💼 Employment & Entrepreneurship Support

🧠 Awareness & Education Programs

🩷 Mentorship & Networking

🧾 4. पंजीकरण प्रक्रिया (Enrollment Process)

  1. Ladyfair वेबसाइट या App पर “Join as Beneficiary” फ़ॉर्म भरें।
  2. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  3. Panchayat / Block Team द्वारा सत्यापन।
  4. Enrollment ID और Welcome Certificate प्राप्त करें।

🧰 5. प्राथमिकता नीति (Priority Policy)

💰 6. सहायता एवं फंड उपयोग (Assistance & Fund Use)

CSR या Donor funds से मिलने वाले Training Kits, सामग्री और उपकरण निःशुल्क दिए जाएंगे।

किसी भी लाभार्थी से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सभी सहायता का रजिस्टर और डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

हर प्रोग्राम के लाभार्थियों की रिपोर्ट वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।

🧩 7. लाभार्थी की जिम्मेदारियाँ

क्र.जिम्मेदारी
1️⃣प्रशिक्षण अवधि में कम से कम 80% उपस्थिति बनाए रखना
2️⃣संस्था के दिशा-निर्देशों का पालन करना
3️⃣प्राप्त लाभ का दुरुपयोग न करना
4️⃣Feedback Form भरना
5️⃣संस्था का अनधिकृत उपयोग न करना

📋 8. प्रमाणपत्र और रोजगार सहायता

📊 9. निगरानी और रिपोर्टिंग

❌ 10. निष्कासन नीति

🌿 11. शिकायत निवारण नीति

🏅 12. सफलता और सम्मान

🩷 13. नैतिक आचार संहिता

हर लाभार्थी के साथ समानता, गरिमा और सुरक्षा का व्यवहार।

जाति, धर्म, आयु, वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव स्वीकार्य नहीं।

💬 “हम हर महिला को सिर्फ़ मदद नहीं, अवसर देते हैं — ताकि वो खुद अपनी ताकत बन सके।”
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